अनुच्छेद: 018

स्वामी दयानन्द सरस्वती का जन्म गुजरात में सन्‌ 1824 में हुआ था । वे सच्ची राह से नहीं डिगते थे । जिस बात को सच समझते थे, उसके लिए मृत्यु को भी वे कुछ नहीं समझते थे । सत्य के लिए उन्होंने क्रांति मचा दी । स्वामीजी लगन के पक्के थे । बीहड़ जंगलों में बिना राह तय कर और बनेले पशुओं से मुठभेड़ करते हुए वे नर्मदा का उद्गम देख आये थे, और बद्रिकाश्रम से घूम-फिर आये थे । सर सैयद अहमद ने एक बार इस बात पर शक प्रकट किया था, कि हवन से वायु शुद्ध हो सकती है । इस बात पर शक प्रकट किया था, कि हवन से वायु शुद्ध हो सकती है । इस बात पर स्वामीजी चुप रहे । किसी दूसरे दिन फिर सर अहमद उनसे मिलने आये । स्वामीजी ने पूछा, “आपके यहाँ कितने आदमी रोज खाते हैं और उनके लिए कितनी दाल रोज पकती है ?” उत्तर मिला- 60-70 आदमी खाते हैं, और 6-7 सेर दाल रोज पकती है ? स्वामी जी ने पूछा - “उतनी दाल में कितनी हींग पड़ती है ?” उत्तर मिला- “एक तोले के करीब ।” स्वामी ने झट कहा- “जैसे एक तोला हींग से इतनी दाल सुगन्धित हो जाती है, वैसे ही धूप-घी के हवन से भी वायु सुगन्धित और शुद्ध हो जाती है ।” स्वामीजी ने छुआछूत को अपने व्यवहार में स्थान नहीं दिया । क्‍या छोटे, क्या बड़े-सभी की सेवा अपने हाथों से करके वे लोगों को अचरज में डाल देते । भारत की नयी रूपरेखा में स्वामीजी का बहुत बड़ा हाथ था । उन्होंने अपनी पढ़ाई के जमाने में अंग्रेजों को पंजाब पर अधिकार करते देखा और अंग्रेजी झंडा को गड़ते देखा । उनके समय में 1857 ई. की क्रांति हुई । स्वामीजी ने पाया कि गुलामी के कारण भारतीय समाज और धर्म में घुन लग गए हैं।


Q.01 : स्वामी दयानन्द सरस्वती का जन्म कहाँ हुआ था ?

A. महाराष्ट्र
B. गुजरात
C. मध्य प्रदेश
D. पंजाब
Answer : B. गुजरात
 

Q.02 : स्वामीजी के समय अंग्रेजों ने किस प्रान्त पर अपनी हुकूमत का झण्डा गाड़ा था ?

A. उत्तर प्रदेश
B. बंगाल
C. गुजरात
D. पंजाब
Answer : D. पंजाब

Q.03 : बीहड़ जंगलों मे बनैले पशुओं से जूझते हुए स्वामीजी किस नदी का उदगम देख आये थे ?

A. 1857
B. 1824
C. 1924
D. 1957
Answer : C. 1924
 

Q.04 : स्वामी जी का जन्म हुआ था

A. गंगा
B. यमुना
C. नर्मदा
D. सरस्वती
Answer : B. यमुना
   

Q.05 :  स्वामीजी ने अपनी तर्कबुद्धि से किस व्यक्ति का भाक दूर किया था कि हवन से वायु भ्रम होती है ?

A. महात्मा गाँधी
B. सर सुल्लतान अहमद
C. सर टॉमस रो
D. सर सैयद अहमद
Answer : D. सर सैयद अहमद


अपठित गद्यांश