अनुच्छेद: 004

एक बन में एक रहट था। उसमें बहुत सारे मेंढक रहा करते थे। उनमें मेंढको के मुखिया का नाम गंगदत्त था। एक बार गंगदत्त रहट पानी निकालने वाली पिंडों की माला में बैठकर कुएं से बाहर गया। बाहर की दुनिया देखकर वह बड़ा प्रसन्न हुआ। वह फुदक- फुदक कर वन की हरियाली में सेर करके बड़ा आनंद प्राप्त करने लगा।काफ़ी देर तक फुदकने- घूमने के बाद वह हरी घास से भरे एक मैदान के पास पहुंचा। उसने देखा, वहां एक भूखा - प्यासा और मरियल हो रहा सांप पड़ा है। सांप को गगदत्त ने जीवन में पहली बार देखा था। उसे उसका रंग, रूप और आकार प्रकार बहुत अच्छा लगा।


Q.01 : रहट में कौन सा जीव रहता था?

(1) सांप
(2) मेंढक
(3) भालू
(4) बिच्छू
Answer : (2) मेंढक

Q.02 : मेंढको के मुखिया का नाम क्या था?

(1) रामदत्त
(2) श्यामदत्त
(3) गंगदत्त
(4) मोहन
Answer : (3) गंगदत्त

Q.03 : गंगदत्त ने हरी घास से भरे मैदान में क्या देखा?

(1) पेड़
(2) सांप
(3) फूल
(4) लोमड़ी
Answer : (2) सांप

Q.04 : सांप देखने में कैसा था?

(1) मोटा ताजा
(2) मरियल
(3) भयानक
(4) इन में से कोई नहीं
Answer : (2) मरियल

Q.05 : गंगदत्त घूमता हुआ कहां पहुंचा?

(1) मैदान में
(2) शहर में
(3) तालाब में
(4) नहर में
Answer : (1) मैदान में


अपठित गद्यांश