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अमिष त्रिपाठी

नाम अमिष त्रिपाठी
जन्म 18 अक्टूबर 1974
जन्म स्थान मुम्बई
नागरिकता भारतीय
कर्म-क्षेत्र लेखन
शिक्षा आईआईएम कलकत्ता
जीवनसाथी प्रीति व्यास
सन्तान नील त्रिपाठी
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अमिष त्रिपाठी
Amish Tripathi


अमिष त्रिपाठी (Amish Tripathi) का जन्म 18 अक्टूबर 1974 को मुम्बई में हुआ, और इन का बचपन राउरकेला, ओडिशा में बीता । अमिष जी की प्रारंभिक शिक्षा कैथेड्रल और जॉन कॉनन स्कूल व सेंट जेवियर्स कॉलेज (Cathedral & John Connon School, St. Xavier's College, Mumbai) मुम्बई से पूरी की और फिर स्नातक डिग्री आइआईएम कलकत्ता (Indian Institute of Management Calcutta) से हासिल की । बचपन से ही आमिष इतिहासकार बनना चाहते थे, लेकिन उन्होंने समय की मांग को देखते हुए फाइनेंस में करियर बनाने का फैसला किया । लेखन शुरू करने से पहले उन्होंने 14 साल तक फाइनेंशियल फील्ड में काम किया. इस दौरान उन्होंने स्टेंडर्ड चार्टर्ड, डीबीएस बैंक व आईडीबीआई फेडरल लाईफ इंश्योरेंस जैसी कम्पनियों मे नोकरी की ।

अमिष त्रिपाठी के द्वारा लिखित पुस्तके
(Books Written by Amish Tripathi)
शिवा ट्रायोलॉजी (Shiva Trilogy)

अमिष त्रिपाठी का पहला उपन्यास “मेलुहा के मृत्युजय” ( Immortals of Meluha ) फरवरी 2010 में प्रकाशन प्रकाशित हुआ । इस सीरीज की दूसरी किताब ‘नागाओ का रहस्य’ ( The Secret of the Nagas ) का प्रकाशन 12 अगस्त 2011 को किया गया और सीरीज की तीसरी और अंतिम किताब ‘वायुपुत्रो की शपथ’ (The Oath of The Vayuputras ) का प्रकाशन 27 फरवरी 2013 को किया गया। उनकी इन किताबो में भगवान शिव के जीवन चरित्र और उनकी जीवन शैली के बारे में बताया गया है।

रामचंद्र सीरीज (Ram Chandra Series)

अमिष त्रिपाठी की राम चंद्र सीरीज मे प्रकाशित पहली किताब ‘इक्ष्वाकु के वंशज’ (Ram : Scion of Ikshvaku ) को 22 जून 2015 में रिलीज़ किया गया। इस सीरीज की दूसरी किताब ‘सीता:मिथिला की योधा’ (Sita: Warrior of Mithila) का प्रकाशन मई 2017 को प्रकाशित हुई, और इस सीरीज की तीसरी ‘रावण : आर्यव्रत का शत्रु’ (Raavan: Orphan of Aryavarta) उनकी इन किताबो में महाकाव्य रामायण पर आधारित है।

अन्य पुस्तक

अमिष त्रिपाठी ने अगस्त 2017 में अपनी पहली गैर-काल्पनिक पुस्तक “अमर भारत” (Immortal India) लॉन्च की।

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